क्यों हर पल मुझे आजमाती है ये ज़िन्दगी क्यों खुश मुझे देख पाती नहीं ये ज़िन्दगी रोज़ मुझे रुलाने को गम जाने कहा से ढूंढ के लाती है ये ज़िन्दगी हर वक़्त एक सौतन की तरह जलाती है मुझे ये ज़िन्दगी !!!!!! NISHI
Watched movie thank you ,story of a cheating husband trying to fool his wife to avoid getting caught. It looks like an extension of movies shadi no. 1, masti and no entry but it is slightly different from all of them .The commonality is that all …
सावन में उत्तर प्रदेश में गए जाने वाले लोक गीतों को कजरी कहते है . कजरी शब्द हिंदी के शब्द कजरा से बना है जिसका अर्थ काजल या कला होता है . ये उत्तर प्रदेश और बिहार में गाया जाता है . यों तो ये पूरे बिहार और उत्तर प्रदेश में गाया जाता है लेकिन मिर्ज…
तैलीय त्वचा से मुक्ति के लिए एक बड़ा चम्मच बेसन, एक छोटा चम्मच गुलाबजल, और चुटकी भर हल्दी में आधा नीबू मिलाकर बनाए गए लेप को चेहरे पर बीस मिनट तक लगाएँ और सादे पानी से धो दें। एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नीबू और दो चम्मच शहद मिलाकर रोज़ सुबह खाली पे…
नन्हे हांथों को जिंदगी का बोझ उठाते देखा कल... जो बचपन होता है बेफिक्री से जीने के लिए, उस बचपन को जिंदगी की जंग लड़ते देखा कल. जिन आँखों मे होती है चमक सुनहरे कल की, उन आँखों मे सपनो की रोटी पकाने की चाह्त को देखा कल. जिन चेहरों पे होनी चाहिए मासूमिय…
आज तक कभी इसकी कभी उसकी सुनी वही किया जो अपनों ने कही समाज की बनाई मर्यादाओं की परवाह करती रही झूठे रीती रवाजों से डरती रही रात की परछाई में खड़े होके किया सुबह का इंतज़ार जाना होगा खुद ही पार ये जान के भी करती रही किसी मांझी का इंतज़ार दूसरों …