नन्हे हांथों को जिंदगी का बोझ उठाते देखा कल... जो बचपन होता है बेफिक्री से जीने के लिए, उस बचपन को जिंदगी की जंग लड़ते देखा कल. जिन आँखों मे होती है चमक सुनहरे कल की, उन आँखों मे सपनो की रोटी पकाने की चाह्त को देखा कल. जिन चेहरों पे होनी चाहिए मासूमिय…